• Sakshi Ki Sadhana

Sakshi Ki Sadhana - साक्षी की साधना

अंधेरा हटाना हो, तो प्रकाश लाना होता है। और मन को हटाना हो, तो ध्यान लाना होता है। मन को नियंत्रित नहीं करना है, वरन जानना है कि वह है ही नहीं। यह जानते ही उससे मुक्ति हो जाती है। 

यह जानना साक्षी चैतन्य से होता है। मन के साक्षी बनें। जो है, उसके साक्षी बनें। कैसे होना चाहिए, इसकी चिंता छोड़ दें। जो है, जैसा है, उसके प्रति जागें, जागरूक हों। कोई निर्णय न लें, कोई नियंत्रण न करें, किसी संघर्ष में न पड़ें। बस, मौन होकर देखें। देखना ही, यह साक्षी होना ही मुक्ति बन जाता है।

साक्षी बनते ही चेतना दृश्य को छोड़ द्रष्टा पर स्थिर हो जाती है। इस स्थिति में अकंप प्रज्ञा की ज्योति उपलब्ध होती है। और यही ज्योति मुक्ति है।
ओशो

 

विषय सूची

साक्षी की साधना 
प्रवचन 1 : अनंत धैर्य और प्रतीक्षा
प्रवचन 2 : श्रद्धा-अश्रद्धा से मुक्‍ति
प्रवचन 3 : सहज जीवन परिवर्तन 
प्रवचन 4 : विवेक का जागरण
प्रवचन 5 : प्रेम है परम सौंदर्य
प्रवचन 6 : समाधि का आगमन
प्रवचन 7 : ध्‍यान अक्रिया है
प्रवचन 8 : अहंकार का विसर्जन


साक्षी का बोध 
प्रवचन 1 : ध्‍यान आत्‍मिक दशा है
प्रवचन 2 : साक्षीभाव
प्रवचन 3 : ध्‍यान एक मात्र योग है
प्रवचन 4 : सत्‍य की खोज
प्रवचन 5 : ध्‍यान का द्वार : सरलता

 

 

 

Sakshi Ki Sadhana

  • Product Code: Sakshi Ki Sadhana
  • Availability: In Stock

Tags: Sakshi Ki Sadhana, Hindi books