• Prem Panth Aiso Kathin

Prem Panth Aiso Kathin - प्रेम-पंथ ऐसो कठिन

कठिनाई चाहे प्रेम के पंथ की हो या ध्यान के मार्ग की, पंद्रह प्रवचनों की इस प्रश्नोत्तर प्रवचनमाला में ओशो ने सभी प्रश्नों के अत्यंत सरल और सुबोध समाधान दिए हैं। शेरो-शायरी और कविताओं से भरपूर ये प्रवचन पंथ की सारी कठिनाई को दूर कर एक नई सुबह की तरह हमें अभिभूत कर लेते हैं।
ओशो कहते हैं : ‘मैं तो देखता हूं एक नया सूरज, एक नई सुबह, एक नया मनुष्य, एक नई पृथ्वी—वह रोज निखरती आ रही है। अगर हम थोड़े सजग हो जाएं तो यह और जल्दी हो जाए, यह रात जल्दी कट जाए, यह प्रभात जल्दी हो जाए। ध्यान के दीयों को जलाओ और प्रेम के गीतों को गाओ। प्रेम के गीत और ध्यान के दीये, जो सुबह आज तक आदमी के जीवन में नहीं हुई उसे पैदा कर सकते हैं। और आदमी बहुत तड़प लिया है, नरक में बहुत जी लिया है। समय है कि अब हम स्वर्ग को पृथ्वी पर उतार लें। स्वर्ग उतर सकता है।

विषय सूची

प्रवचन 1 : परिपूर्ण जीवन का दर्शन ही ईश्वर-दर्शन

प्रवचन 2 : परमात्मा यानी हृदय

प्रवचन 3 : चुप-चुप ही चाहा जाता है

प्रवचन 4 : अब जुनूं राहनुमा जिंदगी राही होगी

प्रवचन 5 : वह तुम्हें सदा से याद कर रहा है

प्रवचन 6 : प्रेम अव्याख्य है

प्रवचन 7 : मेरा संदेश मेरा संदेश बन कर पहुंचाओ

प्रवचन 8 : वह आया हुआ है, तुम भागे हुए हो

प्रवचन 9 : ममता बंधन, प्रेम मुक्तिदायी

प्रवचन 10 : स्वर्ग तो हमारा स्वभाव है

प्रवचन 11 : प्रेम निर्धूम शिखा है

प्रवचन 12 : जगत की सबसे बड़ी चुनौती : ईश्वर की खोज

प्रवचन 13 : बीजरूप प्रेम से सुवासरूप प्रेम की ओर

प्रवचन 14 : शून्य हो जाने का साहस ही संन्यास है

प्रवचन 15 : सांझ तक भी लौट आने वाला भूला नहीं कहाता

 

 

 

Prem Panth Aiso Kathin

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