• Phir Amrit Ki Bund Pari

Phir Amrit Ki Bund Pari - फिर अमरित की बूंद पड़ी

 देश तो होते ही नहीं। देश तो झूठ हैं। राष्ट्र तो मनुष्य की ईजाद हैं। असलियत है व्यक्ति की। इस देश ने गौतम बुद्ध,उपनिषद के ऋषिमहावीरआदिनाथ--आकाश की ऊंचाई से ऊंचाई छुई है। वह भी एक भारत है। वही पूरा भारत होना चाहिए 

और एक भारत और भी है। राजनीतिज्ञों काचोरों काकालाबाजारियों का। भारत के भीतर भारत है।

 इसलिए यह सवाल नहीं है कि कौन देश श्रेष्ठ है और कौन देश अश्रेष्ठ हैसवाल यह है कि किस देश में अधिकतम श्रेष्ठ लोगों का निवास है और किस दिश में अधिकतम निकृष्ट लोगों का निवास है। भारत में दोनों मौजूद हैं।

 ओशो

 

 पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदु:

 •· ध्यान प्रक्रिया है रूपांतरण की 

•· मेरी दृष्टि सृजनात्मक है

 •· मैं तुम्हें इक्कीसवीं सदी में ले जा सकता हूं

 •· भारत: एक सनातन यात्रा

 

 अनुक्रम

1. ध्यान प्रक्रिया है रूपांतरण की

2. एक नया ध्रुवतारा

3. मेरी दृष्टि सृजनात्मक है

4. मैं तुम्हें इक्कीसवीं सदी में ले जा सकता हूं

5. भारत: एक सनातन यात्रा

 

 

 

Phir Amrit Ki Bund Pari

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