• Kya Manushya Ek Yantra Hai ?

Kya Manushya Ek Yantra Hai ?  क्या मनुष्य एक यंत्र है ?

जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्रास मैदान, मुंबई में ओशो द्वारा दिए गए चार अमृत प्रवचनों का अपूर्व संकलन।

मनुष्य एक यंत्र है, क्योंकि सोया हुआ है। और जो सोया हुआ है और यंत्र है, वह मृत है। उसे जीवन काकेवल आभास है, कोई अनुभव नहीं है। और इस सोए हुए होने में वह जो भी करेगा--चाहे वह धनइकट्ठा करे, चाहे वह धर्म इकट्ठा करे, चाहे वह दुकान चलाए और चाहे वह मंदिर, और चाहे वह यशकमाए और चाहे त्याग करे, इस सोई हुई स्थिति में जो भी किया जाएगा, वह मृत्यु के अलावा औरकहीं नहीं ले जा सकता है।

ओशो

 

पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदु:

•· क्या आप अपने विचारों के मालिक हैं?

· वे कौन सी परतंत्रताएं हैं जो मनुष्य के जीवन को सब ओर से घेरे हुए रहती हैं?

·  क्या है भय का मनोविज्ञान?

·  जाग्रत चित्त सत्य की और स्वयं की खोज का द्वार है

•·  जागरूकता क्या है?

 

विषय सूच

1. मनुष्य एक यंत्र है

2. यांत्रिकता को जानना क्रांति है

3. जागरण के सूत्र

4. जाग जाना धर्म है 

 

 

 

 

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