• Geeta Darshan-Vol.4

Geeta Darshan-Vol.4 - गीता-दर्शन भाग चार

कृष्ण अर्जुन से उस क्षण, उस मार्ग, मृत्यु की उस कला की बात इन सूत्रों में करेंगे, जिस कला को जानने वाला, जिस मार्ग को पहचानने वाला, मर कर मरता नहीं, अमृत को उपलब्ध हो जाता है। ओशो 

इस पुस्तक में गीता के आठवें व नौवें अध्याय--अक्षर-ब्रह्म-योग और राजविद्या-राजगुह्य-योग--तथा विविध प्रश्नों व विषयों पर चर्चा है। कुछ विषय-बिंदु: 

*मृत्यु का भय क्यों?

*योगयुक्त मरण के सूत्र

*सृष्टि और प्रलय का वर्तुल

*खोज की सम्यक दिशा

*स्त्रैणता और पुरुषता का मनोविज्ञान

विषय सूची

अध्याय-8 
प्रवचन 1: स्वभाव अध्यात्म है 
प्रवचन 2: मृत्यु-क्षण में हार्दिक प्रभु-स्मरण 
प्रवचन 3: स्मरण की कला 
प्रवचन 4: भाव और भक्ति 
प्रवचन 5: योगयुक्त मरण के सूत्र 
प्रवचन 6: वासना, समय और दुख 
प्रवचन 7: सृष्टि और प्रलय का वर्तुल 
प्रवचन 8: अक्षर ब्रह्म और अंतर्यात्रा 
प्रवचन 9: जीवन उर्जा का ऊर्ध्वगमन-उत्तरायण पथ 
प्रवचन 10: दक्षिणालय के जटिल भटकाव 
प्रवचन 11: तत्वज्ञ-कर्मकांड के पार 
अध्याय-9 
प्रवचन 1: श्रद्धा का अंकुरण 
प्रवचन 2: अतर्क्य रहस्य में प्रवेश 
प्रवचन 3: जगत एक परिवार है 
प्रवचन 4: विराट की अभीप्सा 
प्रवचन 5: दैवी या आसुरी धारा 
प्रवचन 6: ज्ञान, भक्ति, कर्म 
प्रवचन 7: मैं ओंकार हूं 
प्रवचन 8: जीवन के ऐक्य का बोध-अ-मन-में 
प्रवचन 9: वासना और उपासना 
प्रवचन 10: खोज की सम्यक दिशा 
प्रवचन 11: कर्ताभाव का अर्पण 
प्रवचन 12: नीति और धर्म 
प्रवचन 13: क्षणभंगुरता का बोध 

 

 

 

Geeta Darshan-Vol.4

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