• Amrit Kan

Amrit Kan - अमृत कण

ओशो की अमृत अनुभूति के विराट गंगा-सागर में से कुछ अमृत बूंदें चुन कर इस छोटी सी पुस्तिका में समाहित की गई हैं।

ओशो कहते हैं : ‘मैं एक गहरे अंधेरे में था, फिर मुझे सूर्य के दर्शन हुए और मैं आलोकित हुआ। मैं एक दुख में था, फिर मुझे आनंद की सुगंध मिली और मैं उससे परिवर्तित हुआ। मैं संताप से भरा था और आज मेरी श्वासों में आनंद के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है। मैं एक मृत्यु में था—मैं मृत ही था और मुझे जीवन उपलब्ध हुआ और अमृत ने मेरे प्राणों को एक नये संगीत से स्पंदित कर दिया। आज मृत्यु मुझे कहीं भी दिखाई नहीं देती। सब अमृत हो गया है। और सब अनंत जीवन हो गया है। अब एक ही स्वप्न देखता हूं कि वही आलोक, वही अमृत, वही आनंद आपके जीवन को भी आंदोलित और परिपूरित कर दे, जिसने मुझे परिवर्तित किया है। वह आपको भी नया जन्म और जीवन दे, जिसने मुझे नया कर दिया है।’

इस पुस्तिका के सभी पृष्ठ ओशो के सुभाषितों एवं कलात्मक चित्रों के साथ आर्ट पेपर पर मुद्रित हैं। विशेष राजसंस्करण में प्रकाशित यह पुस्तिका एक अमूल्य उपहार है—आपके लिए और आपके मित्रों-प्रेमियों के लिए भी।

 

 

 

 

Amrit Kan

  • Product Code: Amrit Kan
  • Availability: In Stock

Tags: Hindi books, Amrit Kan